रावेरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बोंडे धनजी महारू (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर रावेर सीट जीती और पाटिल तुकाराम दत्तु (KKP) को 8,689 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 102 भड़ौच है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बोंडे धनजी महारू 22.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बोंडे धनजी महारू | 15,75540.0% | |
| 2 | पाटिल तुकाराम दत्तु KKP | KKP | 7,06618.0% |
| 3 | फेगडे लोधू इच्छाराम SP | SP | 6,98317.8% |
| 4 | पाटिल विठ्ठल राजाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,71912.0% |
| 5 | पाटिल विष्णु हरि निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7529.5% |
| 6 | भंगाले चुडामण भिकाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0592.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।