सरुपथारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
रोजलीना तिर्की (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर सरुपथार सीट जीती और बिनोद गोवाला (AGP) को 2,927 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 94 लमडिंग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 94 माहमरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सरुपथार का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,927 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रोजलीना तिर्की UPA | UPA | 67,15036.0% |
| 2 | बिनोद गोवाला | 64,22334.5% | |
| 3 | बिस्वजीत फुकन निर्दलीय | निर्दलीय | 37,28120.0% |
| 4 | सत्य देव साहू | 7,5964.1% | |
| 5 | भद्रेश्बर तांती निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0582.2% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 3,2121.7% |
| 6 | रुहित बसुमतारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5540.8% |
| 7 | दीपू सैकिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1890.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.30 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरुपथार से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.4% से घटकर 36.0% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 74.4% से बढ़कर 82.2% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978अक्लियस तिर्की (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 1983अब्दुल मतलिब (INC), जीत का अंतर 63.9%
- 1985बिनोद गुवाला (IND), जीत का अंतर 11.2%
- 1991बिनोद गोवाल (AGP), जीत का अंतर 9.7%
- 1996बिनोद गोवाला (AGP), जीत का अंतर 8.1%
- 2001अक्लियस तिर्की (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 2006बिनोद गोवाला (AGP), जीत का अंतर 1.8%
- 2011अक्लियस तिर्की (INC), जीत का अंतर 21.7%
- 2016रोजलीना तिर्की (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 2021बिस्वजीत फुकन (BJP), जीत का अंतर 18.9%