बोकाखातविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
अतुल बोरा (AGP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 59.7% वोट पाकर बोकाखात सीट जीती और अरुण फुकन (INC) को 40,193 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 93 होजाई थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 93 सोनारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अतुल बोरा 38.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अतुल बोरा NDA | NDA | 62,96259.7% |
| 2 | अरुण फुकन UPA | UPA | 22,76921.6% |
| 3 | अनिमा गोगोई निर्दलीय | निर्दलीय | 11,87211.3% |
| 4 | रेबा कान्ता गोगोई निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4143.2% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,1812.1% |
| 5 | बिजय कुटुम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3511.3% |
| 6 | मृत्युंजय पेगु निर्दलीय | निर्दलीय | 9050.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AGP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.97 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोकाखात से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AGP की पहली जीत थी। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 78.0% से बढ़कर 85.6% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी AGP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978छत्र गोपाल कर्मकार (INC), जीत का अंतर 7.1%
- 1983धर्मेश्वर हज़ारिका (INC), जीत का अंतर 91.0%
- 1985बलोभद्र तामुली (IND), जीत का अंतर 9.3%
- 1991भुपेन भुइयां (INC), जीत का अंतर 29.6%
- 1996भूपेन्द्र नाथ भुइयां (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 2001जितेन गोगोई (IND), जीत का अंतर 11.6%
- 2006जितेन गोगोई (IND), जीत का अंतर 0.3%
- 2011अरुण फुकन (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 2016अतुल बोरा (AGP), जीत का अंतर 38.1%
- 2021अतुल बोरा (AGP), जीत का अंतर 37.5%