लहरीघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
डॉ. नजरुल इस्लाम (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर लहरीघाट सीट जीती और सिद्दीक अहमद (AIUDF) को 5,806 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 81 गोहपुर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 81 सदिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डॉ. नजरुल इस्लाम 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. नजरुल इस्लाम UPA | UPA | 57,90441.4% |
| 2 | सिद्दीक अहमद | 52,09837.3% | |
| 3 | जदुमणि पातर | 25,69218.4% | |
| 4 | रबीन्द्र नाथ बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7521.3% |
| 5 | रंजीत कुमार डेका निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4941.1% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 9300.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, AIUDF और AGP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.13 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लहरीघाट से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यहाँ लगातार छठी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.5% से घटकर 41.4% रह गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 78.4% से बढ़कर 87.0% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978अबुल काशेम (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1985अब्दुल जलील (ICS), जीत का अंतर 3.6%
- 1991छामचुल हुदा (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1996नजरुल इस्लाम (INC), जीत का अंतर 23.4%
- 2001नजरुल इस्लाम (INC), जीत का अंतर 13.4%
- 2006डॉ. नजरुल इस्लाम (INC), जीत का अंतर 25.7%
- 2011डॉ. नजरुल इस्लाम (INC), जीत का अंतर 11.7%
- 2016डॉ. नजरुल इस्लाम (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 2021डॉ. आसिफ मोहम्मद नज़र (INC), जीत का अंतर 1.2%