सूतियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
पदमा हज़ारिका (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर सूतिया सीट जीती और प्राणेश्वर बसुमतारी (INC) को 1,818 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 75 ढेकियाजुली थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 75 नाओबोइचा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सूतिया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,818 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पदमा हज़ारिका NDA | NDA | 60,44045.9% |
| 2 | प्राणेश्वर बसुमतारी UPA | UPA | 58,62244.5% |
| 3 | खेमराज छेत्री | 4,9143.7% | |
| 4 | ज्योति सुब्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4841.9% |
| 5 | महेन्द्र उरांग निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1121.6% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,9411.5% |
| 6 | अरुण नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1890.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.85 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूतिया से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट AGP से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2011 के 72.6% से बढ़कर 82.5% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978गोलोक काकति (JNP), जीत का अंतर 10.8%
- 1985रोबिन सैकिया (IND), जीत का अंतर 5.4%
- 1991कुशल साहू (INC), जीत का अंतर 17.9%
- 1996पदमा हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 17.5%
- 2001प्राणेश्वर बसुमतारी (INC), जीत का अंतर 0.8%
- 2006पदमा हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 13.8%
- 2011पदमा हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 11.7%
- 2016पदमा हज़ारिका (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 2021पदमा हज़ारिका (BJP), जीत का अंतर 16.2%