मजबाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
चरण बोरो (BOPF) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर मजबाट सीट जीती और तेहारू गौर (AIUDF) को 26,218 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 70 कलाईगांव थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 70 बिश्वनाथ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चरण बोरो 23.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार + नोटा| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चरण बोरो BOPF NDA | BOPF NDA | 48,35143.2% |
| 2 | तेहारू गौर | 22,13319.8% | |
| 3 | राफेल कुजूर UPA | UPA | 20,57718.4% |
| 4 | रबीन्द्र बसुमतारी निर्दलीय | निर्दलीय | 8,7637.8% |
| 5 | सपना दैमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8412.5% |
| 6 | गिरीश चन्द्र चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1171.9% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,9741.8% |
| 7 | सुनील सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9061.7% |
| 8 | बलदेव चौहान NDA | NDA | 1,2761.1% |
| 9 | लाल सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0070.9% |
| 10 | मनोज कुमार तामुली निर्दलीय | निर्दलीय | 7070.6% |
| 11 | अबुल कासिम निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मजबाट से कौन जीता, 1978–2021
BOPF ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 27.8% से बढ़कर 43.2% हो गया। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 76.1% से बढ़कर 84.5% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BOPF ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978सिल्वियस कोंडपन (JNP), जीत का अंतर 0.3%
- 1983सिल्वियस कोंडपन (INC), जीत का अंतर 11.0%
- 1985सिल्वियब कोंडपन (INC), जीत का अंतर 21.9%
- 1991सिल्वियस कोंडपन (INC), जीत का अंतर 24.2%
- 1996सिल्वियस कोंडपन (INC), जीत का अंतर 0.8%
- 2001करेंद्र बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 19.1%
- 2006करेंद्र बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 5.3%
- 2011राखेश्वर ब्रह्म (BOPF), जीत का अंतर 1.8%
- 2016चरण बोरो (BOPF), जीत का अंतर 23.4%
- 2021चरण बोरो (BOPF), जीत का अंतर 12.5%