उदालगुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
रिहोन दैमारी (BOPF) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 40.9% वोट पाकर उदालगुड़ी सीट जीती और अंजली प्रभा दैमारी (निर्दलीय) को 24,374 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 69 पानेरी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 69 नदुआर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रिहोन दैमारी 22.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रिहोन दैमारी BOPF NDA | BOPF NDA | 45,03740.9% |
| 2 | अंजली प्रभा दैमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 20,66318.8% |
| 3 | दिलीप कु. बरो निर्दलीय | निर्दलीय | 20,20418.4% |
| 4 | जामान सिंह ब्रह्म UPA | UPA | 16,34314.9% |
| 5 | बिपुल नार्जरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6243.3% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,4562.2% |
| 6 | संतोष मदाही निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6681.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.47 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उदालगुड़ी से कौन जीता, 1978–2021
BOPF ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.4% से घटकर 40.9% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 73.8% से बढ़कर 82.1% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट UPPL ने जीती।
- 1978बिनय कुमार बसुमतारी (PTC), जीत का अंतर 7.4%
- 1983बिनय कुमार बसुमतारी (PTC), जीत का अंतर 20.9%
- 1985बिनल खुंगुर बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 9.1%
- 1991जामान सिंह ब्रह्म (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 1996देवा कान्ता रामचियारी (IND), जीत का अंतर 4.8%
- 2001रिहोन दैमारी (IND), जीत का अंतर 3.0%
- 2006रिहोन दैमारी (IND), जीत का अंतर 5.7%
- 2011रिहोन दैमारी (BOPF), जीत का अंतर 17.2%
- 2016रिहोन दैमारी (BOPF), जीत का अंतर 22.2%
- 2021गोविन्द चन्द्र बसुमतारी (UPPL), जीत का अंतर 4.0%