बोकोविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
नन्दिता दास (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 39.7% वोट पाकर बोको सीट जीती और ज्योति प्रसाद दास (AGP) को 17,594 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 48 भबानीपुर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 48 टंगला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नन्दिता दास UPA | UPA | 69,98639.7% |
| 2 | ज्योति प्रसाद दास | 52,39229.7% | |
| 3 | गोपी नाथ दास | 42,33824.0% | |
| 4 | डॉ. घनश्याम दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7943.3% |
| 5 | अनिर्बान दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9761.7% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,8511.1% |
| 6 | नितीश रंजन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1480.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹1.58 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोको से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यह सीट AIUDF से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 2001 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2011 के 82.9% से बढ़कर 89.0% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978उमेश चन्द्र दास (JNP), जीत का अंतर 18.6%
- 1983उपेन्द्र दास (INC), निर्विरोध निर्वाचित
- 1985गोपीनाथ दास (IND), जीत का अंतर 6.0%
- 1991गोपिनाथ दास (INC), जीत का अंतर 13.8%
- 1996ज्योति प्रसाद दास (AGP), जीत का अंतर 16.4%
- 2001गोपी नाथ दास (INC), जीत का अंतर 23.6%
- 2006ज्योति प्रसाद दास (AGP), जीत का अंतर 6.8%
- 2011गोपी नाथ दास (AIUDF), जीत का अंतर 7.6%
- 2016नन्दिता दास (INC), जीत का अंतर 10.0%
- 2021नन्दिता दास (INC), जीत का अंतर 25.6%