बिजनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
कमल शिंग नार्जरी (BOPF) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 24.5% वोट पाकर बिजनी सीट जीती और अजय कुमार राय (BGANP) को 1,678 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 33 धुबरी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 33 दिसपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बिजनी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,678 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कमल शिंग नार्जरी BOPF NDA | BOPF NDA | 29,24024.5% |
| 2 | अजय कुमार राय BGANP | BGANP | 27,56223.1% |
| 3 | संतोष खाखलारी निर्दलीय | निर्दलीय | 19,35016.2% |
| 4 | कमलेश्वर राय | 18,19715.3% | |
| 5 | खलीलुर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 12,61910.6% |
| 6 | गजेन्द्र बर्मन | 5,9915.0% | |
| 7 | बिस्वजीत राय UPA | UPA | 3,8613.2% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,3061.1% |
| 8 | फिलिप मरांडी JDP | JDP | 1,2361.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.27 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिजनी से कौन जीता, 1978–2021
BOPF ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.8% से घटकर 24.5% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 85.3% से बढ़कर 88.7% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978पद्मलोचन बोरो (IND), जीत का अंतर 8.9%
- 1985गणेश बोरा (PTC), जीत का अंतर 1.9%
- 1991कमल ब्रह्म (IND), जीत का अंतर 31.1%
- 1996मोहिनी बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 14.7%
- 2001रोमियो ब्रह्म (IND), जीत का अंतर 21.6%
- 2006कमल शिंग नार्जरी (IND), जीत का अंतर 3.4%
- 2011कमलसिंग नार्जरी (BOPF), जीत का अंतर 14.0%
- 2016कमल शिंग नार्जरी (BOPF), जीत का अंतर 1.4%
- 2021अजय कुमार राय (BJP), जीत का अंतर 0.7%