सिदलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
चन्दन ब्रह्म (BOPF) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 42.0% वोट पाकर सिदली सीट जीती और रौंग्वरा नार्जरी (निर्दलीय) को 8,988 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 31 मानकाचर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 31 रंगिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्दन ब्रह्म BOPF NDA | BOPF NDA | 66,03742.0% |
| 2 | रौंग्वरा नार्जरी निर्दलीय | निर्दलीय | 57,04936.3% |
| 3 | दिलीप कुमार सरानिया निर्दलीय | निर्दलीय | 21,60113.7% |
| 4 | पंकज इस्लारी | 8,0835.1% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,9291.9% |
| 5 | फलमार्स्टन ब्रह्म निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5481.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.51 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिदली से कौन जीता, 1978–2021
BOPF ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.6% से घटकर 42.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 2011 के 77.6% से बढ़कर 82.8% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट UPPL ने जीती।
- 1978पंचानन ब्रह्म (PTC), जीत का अंतर 8.4%
- 1983लुईस इसलारी (INC), जीत का अंतर 13.5%
- 1985जनेंद्र बसुमतारी (PTC), जीत का अंतर 16.4%
- 1991खिरेन बरगयारी (IND), जीत का अंतर 65.4%
- 1996एंड्रियास हाजोवारी (IND), जीत का अंतर 3.9%
- 2001मतीन्द्र बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 58.1%
- 2006चन्दन ब्रह्म (IND), जीत का अंतर 4.8%
- 2011चन्दन ब्रह्म (BOPF), जीत का अंतर 29.5%
- 2016चन्दन ब्रह्म (BOPF), जीत का अंतर 5.7%
- 2021जयंत बसुमतारी (UPPL), जीत का अंतर 18.2%