सालमारा दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
वाजिद अली चौधुरी (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 54.4% वोट पाकर सालमारा दक्षिण सीट जीती और बदरुद्दीन अजमल (AIUDF) को 16,723 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 22 जोवाई थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 22 मंडिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वाजिद अली चौधुरी UPA | UPA | 80,06654.4% |
| 2 | बदरुद्दीन अजमल | 63,34343.1% | |
| 3 | शिराज हुसैन NDA | NDA | 1,9541.3% |
| 4 | देवान जैनल आबेदीन | 1,1530.8% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 5810.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और AIUDF को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹11.45 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सालमारा दक्षिण से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यह सीट AIUDF से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 2001 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2011 के 86.8% से बढ़कर 93.4% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978देवान जैनल आबेदीन (IND), जीत का अंतर 25.4%
- 1983मो. बज़लुल बासित (INC), जीत का अंतर 27.4%
- 1985देवान जैनल आबेदीन (IND), जीत का अंतर 57.8%
- 1991देवान जैनल आबेदीन (IND), जीत का अंतर 7.7%
- 1996वाजिद अली चौधुरी (INC), जीत का अंतर 36.5%
- 2001वाजिद अली चौधुरी (INC), जीत का अंतर 25.2%
- 2006बदरुद्दीन अजमल (AUDF), जीत का अंतर 15.7%
- 2011अब्दुर रहमान अजमल (AIUDF), जीत का अंतर 3.0%
- 2016वाजिद अली चौधुरी (INC), जीत का अंतर 11.4%
- 2021वाजिद अली चौधुरी (INC), जीत का अंतर 77.8%