तिनसुकियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
संजय किशन (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 61.2% वोट पाकर तिनसुकिया सीट जीती और राजेन्द्र प्रसाद सिंह (INC) को 35,069 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 122 बोगडुंग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 122 आलगापुर-कटलीछड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — संजय किशन 30.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संजय किशन NDA | NDA | 70,93761.2% |
| 2 | राजेन्द्र प्रसाद सिंह UPA | UPA | 35,86831.0% |
| 3 | लक्ष्यज्योति बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0563.5% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,9861.7% |
| 4 | चिंटू बरुआ UPA | UPA | 1,0200.9% |
| 5 | अनंत ज्योति भट्टाचार्जी JNCP | JNCP | 7730.7% |
| 6 | राम दर्शन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6670.6% |
| 7 | राम नारायण सिंह | 5360.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.20 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिनसुकिया से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1996 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 66.2% से बढ़कर 80.3% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978गोलाप बोरबोरा (JNP), जीत का अंतर 28.7%
- 1983राजेन्द्र नाथ फुकन (INC), जीत का अंतर 32.6%
- 1985शिव शम्भू ओझा (INC), जीत का अंतर 16.7%
- 1991शिव शंभू ओझा (INC), जीत का अंतर 38.0%
- 1996सुधांशु कुमार दे सरकार (INC), जीत का अंतर 33.5%
- 2001राजेन्द्र प्रसाद सिंह (INC), जीत का अंतर 17.5%
- 2006राजेन्द्र प्रसाद सिंह (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 2011राजेन्द्र प्रसाद सिंह (INC), जीत का अंतर 12.8%
- 2016संजय किशन (BJP), जीत का अंतर 30.3%
- 2021संजय किशन (BJP), जीत का अंतर 54.1%