थौराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
कुशल दोवारी (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 48.4% वोट पाकर थौरा सीट जीती और सुशान्त बरगोहाँई (INC) को 1,226 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 107 का नाम थौरा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 107 सरुपथार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
थौरा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,226 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुशल दोवारी NDA | NDA | 41,56048.4% |
| 2 | सुशान्त बरगोहाँई UPA | UPA | 40,33447.0% |
| 3 | कुशल बरगोहाँई | 2,0662.4% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,8762.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹2.23 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थौरा से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 75.3% से बढ़कर 85.8% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978जोगेन गोगोई (CPI), जीत का अंतर 19.2%
- 1983टंकेश्वर देहिंगिया (INC), जीत का अंतर 43.2%
- 1985बरकी प्रसाद तेलंगा (IND), जीत का अंतर 15.4%
- 1991देवानंद कोंवर (INC), जीत का अंतर 15.3%
- 1996देबानंद कोंवर (INC), जीत का अंतर 7.9%
- 2001देवानंद कोंवर (INC), जीत का अंतर 21.6%
- 2006कुशल दोवारी (IND), जीत का अंतर 8.9%
- 2011सुशान्त बरगोहाँई (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 2016कुशल दोवारी (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 2021सुशान्त बरगोहाँई (INC), जीत का अंतर 2.1%