भबानीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
सुरेन्द्र नाथ मेधी (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर भबानीपुर सीट जीती और कनक चन्द्र बोरो (निर्दलीय) को 15,170 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 41 बिजनी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 41 मानस है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेन्द्र नाथ मेधी 25.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र नाथ मेधी निर्दलीय | निर्दलीय | 28,54548.6% |
| 2 | कनक चन्द्र बोरो निर्दलीय | निर्दलीय | 13,37522.8% |
| 3 | जन्मे जॉय नर्जियारी PTC | PTC | 9,48316.1% |
| 4 | पूर्णानंद खेरकटारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5386.0% |
| 5 | सर्बानंद चौधुरी | 2,1183.6% | |
| 6 | जितेन्द्र बसुमतारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6911.2% |
| 7 | रघु तालुकदार जनता | जनता | 5530.9% |
| 8 | गंभीर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.4% |
| 9 | सुकुमार बसुमतारी ICS | ICS | 1900.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भबानीपुर से कौन जीता, 1978–2021
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1983 के 27.3% से बढ़कर 88.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978तारिणी चरण दास (JNP), जीत का अंतर 9.7%
- 1983मीर अब्दुल हलीम (INC), जीत का अंतर 18.2%
- 1985सुरेन्द्र नाथ मेधी (IND), जीत का अंतर 25.8%
- 1991मिलन बोरो (IND), जीत का अंतर 13.7%
- 1996सुरेन्द्र नाथ मेधी (AGP), जीत का अंतर 12.8%
- 2001सर्बानंद चौधुरी (INC), जीत का अंतर 7.3%
- 2006डॉ. मनोरंजन दास (AGP), जीत का अंतर 0.3%
- 2011अबुल कलाम आजाद (AIUDF), जीत का अंतर 5.5%
- 2016अबुल कलाम आजाद (AIUDF), जीत का अंतर 2.2%
- 2021फणीधर तालुकदार (AIUDF), जीत का अंतर 2.6%