डिब्रुगढ़विधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1961
रमेश सी. बरुआ (INC) ने 1961 के विधान सभा उपचुनाव में 51.0% वोट पाकर डिब्रुगढ़ सीट जीती और नीलमोनी बोरठाकुर (निर्दलीय) को 2,550 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 86 मोरान थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 86 माजुली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रमेश सी. बरुआ 19.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश सी. बरुआ | 6,52251.0% | |
| 2 | नीलमोनी बोरठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,97231.1% |
| 3 | आर.सी. भट्टाचार्य्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2,11216.5% |
| 4 | सी.पी. ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1771.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डिब्रुगढ़ से कौन जीता, 1957
- 1957बरठाकुर, नीलमणि (CPI), जीत का अंतर 14.4%