टीटाबरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
बोरदोलोई, सर्बेश्वर (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 45.2% वोट पाकर टीटाबर सीट जीती और सिंह, सरजू प्रसाद (निर्दलीय) को 6,049 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 75 जोरहाट दक्षिण थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 75 नौगोंग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बोरदोलोई, सर्बेश्वर 21.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बोरदोलोई, सर्बेश्वर | 12,90245.2% | |
| 2 | सिंह, सरजू प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6,85324.0% |
| 3 | शर्मा, गनेशराम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,50015.8% |
| 4 | हज़ारिका, सुरेंद्रनाथ | 3,48912.2% | |
| 5 | चौधुरी, डॉ. इमरान हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 8062.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।