रायदुर्गविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 2012
के.आर. रेड्डी (YSRCP) ने 2012 के विधान सभा उपचुनाव में 46.3% वोट पाकर रायदुर्ग सीट जीती और डी.आर. गुणपति (TDP) को 32,476 वोटों से हराया।
2014 से, तेलंगाना के अलग राज्य बनने के बाद, यह सीट नंबर 148 है। 2009 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2004 में सीट नंबर 267 वर्धन्नपेट थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के.आर. रेड्डी 19.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.आर. रेड्डी | 79,17146.3% | |
| 2 | डी.आर. गुणपति | 46,69527.3% | |
| 3 | पी.वी. रेड्डी | 35,27820.6% | |
| 4 | बी. वेंकटरमणा LS | LS | 2,5361.5% |
| 5 | जी. राव पी. | 2,2521.3% | |
| 6 | आर.आर. उंडाला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9841.2% |
| 7 | पी.एस. महेशा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1320.7% |
| 8 | सी.टी. नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 9660.6% |
| 9 | वाई. मर्रिस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 8520.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
अनंतपुर ज़िला · 40.8 लाख लोग · जनगणना 2011
सूती/जींस पैंट, धर्मवरम सिल्क साड़ी और चमड़े की कठपुतलियां आदि के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू88.2%
- मुस्लिम10.9%
- ईसाई0.5%
- जैन<0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.4%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
4 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
