देवरकोंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2009
बालू नाईक नेनावत (INC) ने 2009 के विधान सभा चुनाव में 44.1% वोट पाकर देवरकोंडा सीट जीती और रविन्द्र कुमार रामावत (CPI) को 7,468 वोटों से हराया।
2009 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2004 में सीट नंबर 86 मुदिनेपल्ली थी। 2014 से यह तेलंगाना की सीट नंबर 86 है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बालू नाईक नेनावत UPA | UPA | 64,88744.1% |
| 2 | रविन्द्र कुमार रामावत | 57,41939.0% | |
| 3 | वडत्या रमेश PRAP | PRAP | 16,42811.2% |
| 4 | मंग्या पथलावथ NDA | NDA | 3,4782.4% |
| 5 | रामावत भोज्य नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5841.8% |
| 6 | रामावत लालू नाईक | 1,3460.9% | |
| 7 | जरूपाला लोक्या नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1090.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPI और PRAP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.01 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2014 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2014 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।