ककिनाडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
वनमाडी वेंकटेश्वरराव (कोंडाबाबू) (TDP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 39.8% वोट पाकर ककिनाडा सीट जीती और मल्लिपुडी मंगपति पल्लमराज (INC) को 4,506 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 48 का नाम ककिनाडा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 48 इब्राहिमपट्नम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वनमाडी वेंकटेश्वरराव (कोंडाबाबू) 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वनमाडी वेंकटेश्वरराव (कोंडाबाबू) NDA | NDA | 49,15739.8% |
| 2 | मल्लिपुडी मंगपति पल्लमराज | 44,65136.2% | |
| 3 | मूथा गोपाला कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 28,48423.1% |
| 4 | पायदा यशोधर ATDP | ATDP | 5980.5% |
| 5 | बुर्रा वेंकट सत्य प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.2% |
| 6 | कोप्पडी सत्तिराजू निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 7 | एगाला बाला कृष्ण राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP, INC और एक निर्दलीय को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ककिनाडा से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने 1994 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.9% से घटकर 39.8% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 64.2% से घटकर 60.0% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978मल्लाडी स्वामी (INC(I)), जीत का अंतर 15.6%
- 1983गोपाला कृष्ण मूर्ति (TDP), जीत का अंतर 63.2%
- 1985मूथा गोपालकृष्ण (TDP), जीत का अंतर 28.0%
- 1989स्वामी मल्लाडी (INC), जीत का अंतर 24.1%
- 1994मूथा गोपाला कृष्ण (TDP), जीत का अंतर 18.4%
- 1999वनमाडी वेंकटेश्वरराव (कोंडाबाबू) (TDP), जीत का अंतर 3.6%
- 2004मुत्ता गोपालकृष्ण (INC), जीत का अंतर 29.8%