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आंध्र प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 46

पिथापुरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999

वीरा भद्र राव संगिसेट्टी (निर्दलीय) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 41.6% वोट पाकर पिथापुरम सीट जीती और दोराबाबू पेंडेम (BJP) को 4,413 वोटों से हराया।

1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 46 का नाम पिथापुरम था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 46 कूकटपल्ली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

वीरा भद्र राव संगिसेट्टी
IND
निर्दलीय 41.6%BJP 36.6%4 अन्य 21.8%
मिले वोट
36,612
मतों का 41.6%
जीत का अंतर
4,413
कुल वोटों का 5.0%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
68.7%
1,28,101 मतदाताओं में से

5.0% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
वीरा भद्र राव संगिसेट्टी
निर्दलीय
निर्दलीय
36,61241.6%
2
दोराबाबू पेंडेम
NDA
NDA
32,19936.6%
3
देवरपल्ली राजराजेश्वरी
17,08719.4%
4
वेंकटेश्वरा राव मोगली
ATDP
ATDP
1,0001.1%
5
पिल्ला मरियम्मा
CPI(ML)(L)
CPI(ML)(L)
9061.0%
6
कामेश्वर राव जे.वी.
निर्दलीय
निर्दलीय
1320.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
5.0%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
69%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

एक निर्दलीय, BJP और INC को 98% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.90

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
41.6%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 41.6%BJP 36.6%INC 19.4%अन्य 2.3%

यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

पिथापुरम से कौन जीता, 1978–2004

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 72.8% से घटकर 68.7% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।

  1. 1978कोप्पना वेंकट चन्द्र मोहनराव (INC(I)), जीत का अंतर 7.5%
  2. 1983नागेश्वर राव वेन्ना (TDP), जीत का अंतर 35.7%
  3. 1985नागेश्वरराव वीणा (TDP), जीत का अंतर 21.2%
  4. 1989कोप्पना वेंकट चन्द्र मोहनराव (INC), जीत का अंतर 7.7%
  5. 1994वेन्ना नागेश्वरराव (TDP), जीत का अंतर 13.5%
  6. 1999वीरा भद्र राव संगिसेट्टी (IND), जीत का अंतर 5.0%
  7. 2004दोराबाबू पेंडेम (BJP), जीत का अंतर 19.4%