नेरेल्लाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
सुद्दाला देवय्या (TDP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 67.8% वोट पाकर नेरेल्ला सीट जीती और गड्डम बालास्वामी (INC) को 40,339 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 260 महबूबाबाद थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 260 डोन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुद्दाला देवय्या 38.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुद्दाला देवय्या NDA | NDA | 70,55967.8% |
| 2 | गड्डम बालास्वामी | 30,22029.0% | |
| 3 | वेणुगोपाल कोरिवि ATDP | ATDP | 1,4741.4% |
| 4 | बट्टू रामचंद्रम | 1,1171.1% | |
| 5 | वंकायला गट्टाय्या AJBP | AJBP | 4980.5% |
| 6 | रेड्डीमल्ला श्रीनुवास निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नेरेल्ला से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने 1994 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 66.5% से बढ़कर 67.8% हो गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1994 जितना ही रहा: 65.8%। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट TRS ने जीती।