निजामाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
डी. श्रीनिवास (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर निजामाबाद सीट जीती और येंडला लक्ष्मी नारायण (BJP) को 12,750 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 237 बोथ थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 237 नेल्लोर ग्रामीण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. श्रीनिवास | 63,14253.2% | |
| 2 | येंडला लक्ष्मी नारायण NDA | NDA | 50,39242.5% |
| 3 | मोहम्मद अब्दुल रहीम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7152.3% |
| 4 | वेलपुर भूमय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0770.9% |
| 5 | मोहम्मद नसीरुद्दीन ATDP | ATDP | 7930.7% |
| 6 | सत्तय्या गौड़ एंब्रारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5790.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निजामाबाद से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 59.6% से घटकर 56.1% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।