विकाराबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
ए. चन्द्र शेखर (TDP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 45.3% वोट पाकर विकाराबाद सीट जीती और श्रीमती मधुरा वेणी (INC) को 203 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 202 परगी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 202 नंदिगामा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
विकाराबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 203 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. चन्द्र शेखर NDA | NDA | 52,73345.3% |
| 2 | श्रीमती मधुरा वेणी | 52,53045.1% | |
| 3 | श्रीमती पेंडा पुष्पम्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8203.3% |
| 4 | परवेदी आनन्द कुमार ATDP | ATDP | 3,2402.8% |
| 5 | बी. जेंगय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5772.2% |
| 6 | श्रीमती पुष्पम्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6401.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
विकाराबाद से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.5% से घटकर 45.3% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 70.8% से बढ़कर 73.3% हो गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट TRS ने जीती।
- 1978वी. बी. थिरुमलय्या (INC(I)), जीत का अंतर 22.0%
- 1983के. आर. कृष्ण स्वामी (INC), जीत का अंतर 8.6%
- 1985ए. चन्द्र शेखर (TDP), जीत का अंतर 29.9%
- 1989ए. चन्द्र शेखर (TDP), जीत का अंतर 4.5%
- 1994ए. चन्द्र शेकर (TDP), जीत का अंतर 27.7%
- 1999ए. चन्द्र शेखर (TDP), जीत का अंतर 0.2%
- 2004चन्द्र शेखर (TRS), जीत का अंतर 1.6%