चीपुरुपल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
गद्दे बाबू राव (TDP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 38.3% वोट पाकर चीपुरुपल्ली सीट जीती और मीसाला नीलकंठम (INC) को 4,651 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 पोंदूरु थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 18 निजामाबाद (ग्रामीण) है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गद्दे बाबू राव 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गद्दे बाबू राव NDA | NDA | 38,08938.3% |
| 2 | मीसाला नीलकंठम | 33,43833.6% | |
| 3 | केम्बुरु राममोहन राव निर्दलीय | निर्दलीय | 21,50321.6% |
| 4 | डॉ. कुटिकुप्पला सूर्य राव ATDP | ATDP | 3,1113.1% |
| 5 | साकेती मल्लेश्वर राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1141.1% |
| 6 | अवला पद्मनाभम AJBP | AJBP | 6140.6% |
| 7 | आप्पा राव दांडी | 5710.6% | |
| 8 | बदाना श्रीनिवास राव नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 4990.5% |
| 9 | आप्पा राव बसीना निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चीपुरुपल्ली से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.2% से घटकर 38.3% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 70.5% से घटकर 69.3% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978चिगिलीपल्ली श्यामलराव (INC(I)), जीत का अंतर 16.2%
- 1983त्रिपुराणा वेंकट रत्नम (TDP), जीत का अंतर 33.2%
- 1985केम्बुरी रामा मोहन राव (TDP), जीत का अंतर 51.1%
- 1989टंकाला सरस्वतम्मा (TDP), जीत का अंतर 12.4%
- 1994गद्दे बाबू राव (TDP), जीत का अंतर 16.8%
- 1999गद्दे बाबू राव (TDP), जीत का अंतर 4.7%
- 2004बोत्चा सत्यनारायण (INC), जीत का अंतर 10.0%