श्रीकालहस्तीविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1988
सी.आर. तातिपार्थी (INC) ने 1988 के विधान सभा उपचुनाव में 51.9% वोट पाकर श्रीकालहस्ती सीट जीती और के.एस. मूर्ति (TDP) को 4,419 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 135 कालहस्ती थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 135 गजपतिनगरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सी.आर. तातिपार्थी 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सी.आर. तातिपार्थी | 47,98451.9% | |
| 2 | के.एस. मूर्ति | 43,56547.1% | |
| 3 | जी.एस. राव निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.3% |
| 4 | ई.आर. वय्याला निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 5 | पी. एडम निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 6 | बी.आर. राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 7 | पी. कय्यरी निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 8 | डी. कन्नैया निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
श्रीकालहस्ती से कौन जीता, 1978–2004
- 1978उन्नम सुब्रमण्यम नायुडु (INC(I)), जीत का अंतर 7.2%
- 1983अद्दुरु दशरथरामी रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 21.3%
- 1985मुनिरामय्या सत्रवाडा (TDP), जीत का अंतर 0.1%
- 1989गोपाला कृष्ण रेड्डी बोज्जला (TDP), जीत का अंतर 6.7%
- 1994गोपालकृष्ण रेड्डी बोज्जला (TDP), जीत का अंतर 3.6%
- 1999गोपाला कृष्ण रेड्डी बोज्जला (TDP), जीत का अंतर 7.2%
- 2004सी. वी. नायुडु (INC), जीत का अंतर 10.2%