मंगलगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
श्रीकृष्ण वेमुलपल्ली (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 28.7% वोट पाकर मंगलगिरि सीट जीती और गुज्जुला गंगाधर रेड्डी (निर्दलीय) को 5,347 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव के लिए कुछ सीटों के नंबर बदले गए। 1967 में सीट नंबर 102 संथनूथलपाडु थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 102 का नाम अब भी मंगलगिरि है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीकृष्ण वेमुलपल्ली वाम दल | वाम दल | 18,49728.7% |
| 2 | गुज्जुला गंगाधर रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 13,15020.4% |
| 3 | टी. नागेश्वर राव कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 13,01820.2% |
| 4 | सिवरेड्डी सिम्हाद्रि वाम दल | वाम दल | 11,55417.9% |
| 5 | कोण्डा सुब्बा रेड्डी | 4,7857.4% | |
| 6 | रामकृष्ण थम्मिसेट्टी महागठबंधन | महागठबंधन | 1,4812.3% |
| 7 | पुन्नय्या गंजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2842.0% |
| 8 | डेविडराजू सेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 5850.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।