बंदरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
पेदसिंगु लक्ष्मण राव (निर्दलीय) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 41.9% वोट पाकर बंदर सीट जीती और रल्लापल्ली अच्युत रमैया (INC) को 468 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 93 रेपल्ले है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बंदर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 468 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पेदसिंगु लक्ष्मण राव निर्दलीय | निर्दलीय | 21,36941.9% |
| 2 | रल्लापल्ली अच्युत रमैया | 20,90141.0% | |
| 3 | पोथराजू शोभनाचलपति राव स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 6,98713.7% |
| 4 | थुम्मलापल्ली सदाशिवराव | 1,2712.5% | |
| 5 | निम्मागड्डा गुरुमूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और SWA को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।