सुल्तान बाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
वासुदेव कृष्णजी नाईक (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 76.9% वोट पाकर सुल्तान बाजार सीट जीती और इस्माईल ज़बीह (निर्दलीय) को 14,313 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 210 सीतारामबाग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वासुदेव कृष्णजी नाईक 69.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वासुदेव कृष्णजी नाईक | 15,96576.9% | |
| 2 | इस्माईल ज़बीह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6528.0% |
| 3 | एल. वी. एस. शर्मा | 1,6117.8% | |
| 4 | केशव राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1705.6% |
| 5 | सी. सीता रामय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3521.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।