परकालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में परकाल से 2 सदस्य चुने गए: मंडा साइलू (INC) और के. केशव रेड्डी (INC)।
1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मंडा साइलू 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मंडा साइलू | 20,31322.3% | |
| 2 | के. केशव रेड्डी | 18,92320.8% | |
| 3 | के. प्रकाश रेड्डी PDF | PDF | 16,30617.9% |
| 4 | सी. वासुदेवा रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 15,07216.6% |
| 5 | पी. कुर्नेल | 12,28513.5% | |
| 6 | वी. नरसय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0438.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।