चुनाव की कहानी
क्या हुआ
अजमेर के इकलौते विधान सभा चुनाव में एक पार्टी ने लगभग हर सीट जीती।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 30 सीटों में से 20 सीटें जीतीं — सदन में भारी बहुमत।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) सिर्फ़ 44.5% रहा।
निर्दलीय के उम्मीदवारों को 34.9% वोट मिलने के बावजूद सिर्फ़ 4 सीटें मिलीं।
क्या बदला
अजमेर की विधान सभा का यह इकलौता चुनाव था — राज्य का पूरा चुनावी इतिहास यही एक मुक़ाबला है।
इसके कुछ निर्वाचन क्षेत्र बहु-सदस्यीय थे, जहाँ एक ही मुक़ाबले से विधान सभा के लिए एक से ज़्यादा सदस्य चुने जाते थे।
उसके 24 निर्वाचन क्षेत्रों में से 6 इसी तरह काम करते थे।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला मसूदा, अजमेर में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 46 वोट रहा।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला अजमेर-I (दक्षिण-पश्चिम), अजमेर में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 13 उम्मीदवार मैदान में थे।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) अजमेर-IV (टाउन हॉल), अजमेर में रहा, 73.4%।
सबसे ज़्यादा मतदाता केकड़ी, अजमेर में थे, जहाँ 24,193 मतदाता पंजीकृत थे।
पृष्ठभूमि
अलग राज्य के रूप में अजमेर का दौर छोटा रहा।