विश्लेषण · विकास के आँकड़े · राज्य का रिकॉर्ड
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
आँकड़े क्या कहते हैं
ये पूरे राज्य के आँकड़े हैं, जो RBI हैंडबुक और दूसरे सरकारी स्रोतों से लिए गए हैं।जहाँ किसी आँकड़े का ऊँचा या नीचा होना बेहतर या बदतर माना जाता है — जैसे कि आय, बेरोज़गारी, ग़रीबी, मौतें, अपराध, एनीमिया (ख़ून की कमी), स्कूली शिक्षा, मज़दूरी, बिजली और सतत विकास लक्ष्यों (SDG) का स्कोर — वहाँ आँकड़ा समय के साथ दिखाया गया है, और जहाँ राष्ट्रीय आँकड़ा मौजूद है वहाँ पूरे भारत के मुक़ाबले भी, लेकिन उस पर राज्यों की रैंकिंग नहीं की गई है।
ऋण-जमा अनुपात
क्या बैंक जितना जमा लेते हैं, उतना कर्ज़ भी देते हैं? 2020 में 44.7%, 2025 में 44.9% — +0.2 प्रतिशत अंक का बदलाव। दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव: 44.9% (2025) · भारत: 80.1% (2025)। यह 2025 के आँकड़े देने वाले बाक़ी 35 राज्यों में से 10 राज्यों से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा / सबसे कम (2025): आंध्र प्रदेश 151% · लक्षद्वीप 12.7%।
⚠ नीचे दिए अपराध के आँकड़ों के बारे मेंराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़े दर्ज मामलों (FIR) को गिनते हैं, असल में हुए अपराधों को नहीं — राज्यों के बीच का फ़र्क़ जितना असल अपराध से आता है, उतना ही मामले दर्ज होने और पुलिस के कामकाज से भी, और ब्यूरो ख़ुद राज्यों की दरों की सीधी तुलना न करने की सलाह देता है। 2024 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पहला पूरा साल था; साल-दर-साल के कुछ बदलाव असल बदलाव नहीं, बल्कि अपराधों के BNS की नई धाराओं में दर्ज होने की वजह से हैं।
प्रति लाख लोगों पर दर्ज मामले
यहाँ कितने अपराध दर्ज होते हैं? दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव: 42.7 प्रति लाख लोग (2024) · भारत: 419 प्रति लाख लोग (2024)।
प्रति लाख महिलाओं पर मामले
महिलाओं के ख़िलाफ़ कितने अपराध दर्ज होते हैं? दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव: 18.7 प्रति लाख महिलाएँ (2024) · भारत: 64.6 प्रति लाख महिलाएँ (2024)।
बच्चों के ख़िलाफ़ मामले
बच्चों के ख़िलाफ़ कितने अपराध दर्ज होते हैं? 2022 में 107 मामले, 2024 में 84 मामले — −21.5% का बदलाव।
वे सभी सूचक जिनके आँकड़े हम रखते हैं
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⚠ ये GI रजिस्ट्री (IP India) से हैं, RBI हैंडबुक से नहीं — ये सिर्फ़ राज्य स्तर के हैं; स्रोत के आँकड़ों में ज़िले या सीट का कोई ज़िक्र नहीं है।