भरतपुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2019
रंजीता कोली (BJP) ने 2019 के लोक सभा चुनाव में 61.7% वोट पाकर भरतपुर सीट जीती और अभिजीत कुमार जाटव (INC) को 3,18,399 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रंजीता कोली NDA | NDA | 7,07,99261.7% |
| 2 | अभिजीत कुमार जाटव | 3,89,59334.0% | |
| 3 | सूरज प्रधान जाटव | 31,6152.8% | |
| 4 | मंगलराम गोदरा APoI | APoI | 5,7150.5% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 5,6380.5% |
| 5 | सुनिल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2360.2% |
| 6 | पुरुषोतम बाबा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8970.2% |
| 7 | तेजवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0980.1% |
| 8 | घनश्याम सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0130.1% |
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
भरतपुर ज़िला · 25.5 लाख लोग · जनगणना 2011
कृषि आधारित उत्पाद और पत्थर से बने उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 2 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले भरतपुर के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू84.1%
- मुस्लिम14.6%
- सिख0.9%
- जैन0.2%
- ईसाई0.1%
- बौद्ध<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
26 प्रसिद्ध स्थान

प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–2019
BJP ने 2014 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 60.3% से बढ़कर 61.7% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2014 के 56.9% से बढ़कर 59.0% हो गया।
- 1977राम किशन (JNP), जीत का अंतर 43.0%
- 1980राजेश पायलट (INC(I)), जीत का अंतर 3.6%
- 1984के. नटवर सिंह (INC), जीत का अंतर 17.7%
- 1989विश्वेंद्र सिंह (JD), जीत का अंतर 12.0%
- 1991कृष्णेंद्र कौर (दीपा) (डब्ल्यू.) (BJP), जीत का अंतर 20.0%
- 1996महारानी दिव्या सिंह (BJP), जीत का अंतर 17.8%
- 1998के. नटवर सिंह (INC), जीत का अंतर 10.4%
- 1999विश्वेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 16.9%
- 2004विश्वेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 19.3%
- 2009रतन सिंह (INC), जीत का अंतर 14.5%
- 2014बहादुर सिंह कोली (BJP), जीत का अंतर 25.5%
- 2019रंजीता कोली (BJP), जीत का अंतर 27.8%

