भरतपुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
कृष्णेंद्र कौर (दीपा) (डब्ल्यू.) (BJP) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर भरतपुर सीट जीती और तय्यब हुसैन (JP) को 95,756 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्णेंद्र कौर (दीपा) (डब्ल्यू.) | 2,01,59642.1% | |
| 2 | तय्यब हुसैन JP | JP | 1,05,84022.1% |
| 3 | नटवर सिंह | 1,01,12821.1% | |
| 4 | नत्थी सिंह जनता दल | जनता दल | 47,96210.0% |
| 5 | गजपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9510.8% |
| 6 | दिनेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4930.5% |
| 7 | सोहन लाल गुलपरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3150.5% |
| 8 | जसवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8720.4% |
| 9 | तेज सिंह फौजदार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6380.3% |
| 10 | आर.के. गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0610.2% |
| 11 | नारायण दास खंबारा निर्दलीय | निर्दलीय | 9190.2% |
| 12 | सुरेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 8100.2% |
| 13 | महेन्द्र सिंह परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7660.2% |
| 14 | जलेश निर्दलीय | निर्दलीय | 7200.1% |
| 15 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6170.1% |
| 16 | सुन्दर लाल चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 6010.1% |
| 17 | गोपाल प्रसाद अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5930.1% |
| 18 | शिव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5470.1% |
| 19 | राम प्रताप | 4650.1% | |
| 20 | पन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.1% |
| 21 | मोती लाल जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.1% |
| 22 | घन श्याम कोली निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.1% |
| 23 | शीतल प्रसाद जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.1% |
| 24 | कुंजी लाल | 2490.1% | |
| 25 | भीम सिंह (भगत) निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.0% |
| 26 | सुबेदार कमल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.0% |
| 27 | संजय अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
भरतपुर ज़िला · 25.5 लाख लोग · जनगणना 2011
कृषि आधारित उत्पाद और पत्थर से बने उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 2 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले भरतपुर के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू84.1%
- मुस्लिम14.6%
- सिख0.9%
- जैन0.2%
- ईसाई0.1%
- बौद्ध<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
26 प्रसिद्ध स्थान

प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 65.2% से घटकर 52.6% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977राम किशन (JNP), जीत का अंतर 43.0%
- 1980राजेश पायलट (INC(I)), जीत का अंतर 3.6%
- 1984के. नटवर सिंह (INC), जीत का अंतर 17.7%
- 1989विश्वेंद्र सिंह (JD), जीत का अंतर 12.0%
- 1991कृष्णेंद्र कौर (दीपा) (डब्ल्यू.) (BJP), जीत का अंतर 20.0%
- 1996महारानी दिव्या सिंह (BJP), जीत का अंतर 17.8%
- 1998के. नटवर सिंह (INC), जीत का अंतर 10.4%
- 1999विश्वेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 16.9%

