कूच बिहारलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2014
रेणुका सिन्हा (AITC) ने 2014 के लोक सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर कूच बिहार सीट जीती और दिपक कुमार राय (AIFB) को 87,107 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार + नोटा| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रेणुका सिन्हा | 5,26,49939.5% | |
| 2 | दिपक कुमार राय वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 4,39,39233.0% |
| 3 | हेम चन्द्र बर्मन NDA | NDA | 2,17,65316.3% |
| 4 | केशव चन्द्र राय UPA | UPA | 74,5405.6% |
| 5 | गिरींद्र नाथ बर्मन | 15,6831.2% | |
| 6 | बंशी वदन बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 13,2051.0% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 11,4090.9% |
| 7 | कमल कृष्ण बैरागी RaJSP | RaJSP | 7,1250.5% |
| 8 | नृपेन कार्जी | 6,7420.5% | |
| 9 | हरेकृष्ण सरकार | 5,7960.4% | |
| 10 | पीयूष बर्मन WPOI | WPOI | 5,1370.4% |
| 11 | हितेन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0590.4% |
| 12 | दलेंद्र नाथ राय AMB | AMB | 4,1690.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
कूचबिहार ज़िला · 28.2 लाख लोग · जनगणना 2011
मेखला के कपड़े तथा शीतलपाटी और उसके उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू74.1%
- मुस्लिम25.5%
- ईसाई0.1%
- जैन0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
8 प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1951–2014
AITC ने यह सीट AIFB से छीन ली, जिसने इसे 2009 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1951 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2009 के 84.3% से घटकर 82.6% रह गया।
- 1951उपेन्द्र नाथ बर्मन (INC) और 2 अन्य: 3 सदस्यों वाली सीट
- 1957संतोष बनर्जी (INC) और 1 अन्य: 2 सदस्यों वाली सीट
- 1962देबेंद्र नाथ कार्जी (FB), जीत का अंतर 12.7%
- 1967बी. के. डी. चौधुरी (FBL), जीत का अंतर 13.5%
- 1971बिनय कृष्ण दासचौधुरी (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1977अमरेंद्रनाथ राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 29.4%
- 1980अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 23.1%
- 1984अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 7.0%
- 1989अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 6.5%
- 1991अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 16.1%
- 1996अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 9.6%
- 1998अमर रायप्रधान (FBL), जीत का अंतर 13.6%
- 1999अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 12.1%
- 2004हितेन बर्मन (AIFB), जीत का अंतर 23.8%
- 2009नृपेंद्र नाथ राय (AIFB), जीत का अंतर 3.0%
- 2014रेणुका सिन्हा (AITC), जीत का अंतर 6.5%




