कूच बिहारलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2009
नृपेंद्र नाथ राय (AIFB) ने 2009 के लोक सभा चुनाव में 44.7% वोट पाकर कूच बिहार सीट जीती और अर्घ्य राय प्रधान (AITC) को 33,749 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नृपेंद्र नाथ राय वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 5,00,67744.7% |
| 2 | अर्घ्य राय प्रधान UPA | UPA | 4,66,92841.6% |
| 3 | भबेंद्र नाथ बर्मन NDA | NDA | 65,3255.8% |
| 4 | बंशी वदन बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 37,2263.3% |
| 5 | निरंजन बर्मन | 22,9252.0% | |
| 6 | हितेन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 11,3741.0% |
| 7 | दलेंद्र राय AMB | AMB | 6,4860.6% |
| 8 | नुबाश बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7370.3% |
| 9 | हरेकृष्ण सरकार NDA | NDA | 3,4050.3% |
| 10 | कृष्ण कान्ता बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9600.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AIFB, AITC और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
कूचबिहार ज़िला · 28.2 लाख लोग · जनगणना 2011
मेखला के कपड़े तथा शीतलपाटी और उसके उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू74.1%
- मुस्लिम25.5%
- ईसाई0.1%
- जैन0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
8 प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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यहाँ से कौन जीता, 1951–2014
AIFB ने 2004 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.5% से घटकर 44.7% रह गया। 1962 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2004 के 82.9% से बढ़कर 84.3% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।
- 1951उपेन्द्र नाथ बर्मन (INC) और 2 अन्य: 3 सदस्यों वाली सीट
- 1957संतोष बनर्जी (INC) और 1 अन्य: 2 सदस्यों वाली सीट
- 1962देबेंद्र नाथ कार्जी (FB), जीत का अंतर 12.7%
- 1967बी. के. डी. चौधुरी (FBL), जीत का अंतर 13.5%
- 1971बिनय कृष्ण दासचौधुरी (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1977अमरेंद्रनाथ राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 29.4%
- 1980अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 23.1%
- 1984अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 7.0%
- 1989अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 6.5%
- 1991अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 16.1%
- 1996अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 9.6%
- 1998अमर रायप्रधान (FBL), जीत का अंतर 13.6%
- 1999अमर राय प्रधान (FBL), जीत का अंतर 12.1%
- 2004हितेन बर्मन (AIFB), जीत का अंतर 23.8%
- 2009नृपेंद्र नाथ राय (AIFB), जीत का अंतर 3.0%
- 2014रेणुका सिन्हा (AITC), जीत का अंतर 6.5%




