दमोहलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2014
प्रहलाद सिंह पटेल (BJP) ने 2014 के लोक सभा चुनाव में 56.3% वोट पाकर दमोह सीट जीती और चौधरी महेन्द्र प्रताप सिंह (INC) को 2,13,299 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रहलाद सिंह पटेल NDA | NDA | 5,13,07956.3% |
| 2 | चौधरी महेन्द्र प्रताप सिंह UPA | UPA | 2,99,78032.9% |
| 3 | देवेन्द्र चौरसिया | 31,5193.5% | |
| 4 | दीवान उपेंद्र प्रताप सिंह (राजा साब) BSCP | BSCP | 16,3501.8% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 12,6001.4% |
| 5 | संतोष भारती | 11,2981.2% | |
| 6 | प्रहलाद सिंह लोधी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,3431.0% |
| 7 | प्रहलाद सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 9,2661.0% |
| 8 | डॉ. गुलाब खान मास्टर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4290.4% |
| 9 | अनंत लाल बसोर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8360.3% |
| 10 | इरफान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5800.3% |
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
दमोह ज़िला · 12.6 लाख लोग · जनगणना 2011
चना के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 3 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले दमोह के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू93.8%
- मुस्लिम3.8%
- जैन2.0%
- ईसाई0.1%
- सिख0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
19 प्रसिद्ध स्थानदमोह ज़िला
छतरपुर ज़िला
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–2014
BJP ने यहाँ लगातार आठवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.5% से बढ़कर 56.3% हो गया। यह 1996 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2009 के 44.1% से बढ़कर 55.2% हो गया।
- 1977नरेन्द्र सिंह यादवेन्द्र सिंह (JNP), जीत का अंतर 43.2%
- 1980प्रभुनारायण रामधन (INC(I)), जीत का अंतर 15.1%
- 1984दल चन्द्र जैन (INC), जीत का अंतर 11.4%
- 1989लोकेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 21.8%
- 1991रामकृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 3.8%
- 1996राम कृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 28.2%
- 1998डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 18.6%
- 1999डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 2.4%
- 2004चन्द्रभान भैया (BJP), जीत का अंतर 16.0%
- 2009शिवराज भैया (BJP), जीत का अंतर 11.8%
- 2014प्रहलाद सिंह पटेल (BJP), जीत का अंतर 23.4%