दमोहलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1999
डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया (BJP) ने 1999 के लोक सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर दमोह सीट जीती और तिलक सिंह लोधी (INC) को 13,719 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया NDA | NDA | 2,46,90943.8% |
| 2 | तिलक सिंह लोधी | 2,33,19041.4% | |
| 3 | अशोक वीर विक्रम सिंह (भैया राजा) | 41,1347.3% | |
| 4 | प्रदीप पटेल | 34,1746.1% | |
| 5 | निरपत सिंह लोधी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1160.4% |
| 6 | कोमलचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0580.4% |
| 7 | देवी सहाय राम सहाय AJBP | AJBP | 1,9950.3% |
| 8 | डॉ. प्रभु दयाल तिवारी | 1,4540.3% | |
| 9 | गप्पू निर्दलीय | निर्दलीय | 9690.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और SP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.69 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
दमोह ज़िला · 12.6 लाख लोग · जनगणना 2011
चना के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 3 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले दमोह के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू93.8%
- मुस्लिम3.8%
- जैन2.0%
- ईसाई0.1%
- सिख0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
19 प्रसिद्ध स्थानदमोह ज़िला
छतरपुर ज़िला
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.4% से घटकर 43.8% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 60.6% से घटकर 46.1% रह गया।
- 1977नरेन्द्र सिंह यादवेन्द्र सिंह (JNP), जीत का अंतर 43.2%
- 1980प्रभुनारायण रामधन (INC(I)), जीत का अंतर 15.1%
- 1984दल चन्द्र जैन (INC), जीत का अंतर 11.4%
- 1989लोकेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 21.8%
- 1991रामकृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 3.8%
- 1996राम कृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 28.2%
- 1998डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 18.6%
- 1999डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया (BJP), जीत का अंतर 2.4%