डिब्रूगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1999
पावन सिंह घाटोवार (INC) ने 1999 के लोक सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर डिब्रूगढ़ सीट जीती और अजीत चलिहा (BJP) को 67,116 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पावन सिंह घाटोवार | 2,70,86348.6% | |
| 2 | अजीत चलिहा NDA | NDA | 2,03,74736.5% |
| 3 | बीजू फुकन NDA | NDA | 75,93213.6% |
| 4 | बृज प्रधान CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 5,0190.9% |
| 5 | रामनारायण सिंह | 1,2760.2% | |
| 6 | मंशाराम पटवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 8370.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और AGP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
1977 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी छठी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 64.4% से घटकर 48.6% रह गया। यह 1984 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 38.5% से बढ़कर 59.0% हो गया।