डिब्रूगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
पावन सिंह घाटोवार (INC) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 64.4% वोट पाकर डिब्रूगढ़ सीट जीती और अजीत चलिहा (BJP) को 1,41,122 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पावन सिंह घाटोवार | 2,34,19564.4% | |
| 2 | अजीत चलिहा NDA | NDA | 93,07325.6% |
| 3 | ओंकारमल अग्रवाल NDA | NDA | 29,9858.3% |
| 4 | अनिल कुमार बरुआ CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 3,3070.9% |
| 5 | इसराईल नंदा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0950.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
1977 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.7% से बढ़कर 64.4% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 66.0% से घटकर 38.5% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।