दार्जिलिंगलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
आनंदा पाठक (CPM) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर दार्जिलिंग सीट जीती और प्रशांत नंदी (INC) को 1,22,556 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आनंदा पाठक वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 2,80,58944.8% |
| 2 | प्रशांत नंदी | 1,58,03325.2% | |
| 3 | दावा नुरबुला WBTC | WBTC | 1,14,68818.3% |
| 4 | आर. बी. राय निर्दलीय | निर्दलीय | 51,6818.2% |
| 5 | परेश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 12,6092.0% |
| 6 | सुरजीत रसाइली | 3,7270.6% | |
| 7 | एल. बी. परियार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0480.5% |
| 8 | मतीउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5940.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
दार्जिलिंग ज़िला · 18.5 लाख लोग · जनगणना 2011
दार्जिलिंग चाय, दार्जिलिंग शहद और बड़ी इलायची आदि के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 2 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले दार्जिलिंग के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू74.0%
- बौद्ध11.3%
- ईसाई7.7%
- मुस्लिम5.7%
- सिख0.1%
- जैन0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.8%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
16 प्रसिद्ध स्थान


प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
CPM ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.9% से घटकर 44.8% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 64.2% से घटकर 50.6% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977कृष्ण बहादुर छेत्री (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1980आनंदा पाठक (CPM), जीत का अंतर 4.5%
- 1984आनंदा प्रसाद पाठक (CPM), जीत का अंतर 0.3%
- 1989इंद्रजीत (GNLF), जीत का अंतर 18.8%
- 1991इन्द्र जीत (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1996आर. बी. राय (CPM), जीत का अंतर 9.9%
- 1998आनंदा पाठक (CPM), जीत का अंतर 19.6%
- 1999एस.पी. लेपचा (CPM), जीत का अंतर 19.3%

