दार्जिलिंगलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
इंद्रजीत (GNLF) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 56.5% वोट पाकर दार्जिलिंग सीट जीती और आनंदा पाठक (CPM) को 1,45,105 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इंद्रजीत GNLF | GNLF | 4,35,07056.5% |
| 2 | आनंदा पाठक राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 2,89,96537.6% |
| 3 | मोहन कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 18,8432.5% |
| 4 | कृष्ण भक्ता पौड्याल निर्दलीय | निर्दलीय | 9,6681.3% |
| 5 | जे. डी. एस. राय GOL(BG) | GOL(BG) | 4,4260.6% |
| 6 | बीरेन्द्र नाथ बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7440.5% |
| 7 | अरुण प्रसाद सरकार | 2,4520.3% | |
| 8 | पी. पी. राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0090.3% |
| 9 | दुर्गा प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5340.2% |
| 10 | कामिनी मोहन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2940.2% |
| 11 | परबानंद बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1250.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
GNLF और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
दार्जिलिंग ज़िला · 18.5 लाख लोग · जनगणना 2011
दार्जिलिंग चाय, दार्जिलिंग शहद और बड़ी इलायची आदि के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 2 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले दार्जिलिंग के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू74.0%
- बौद्ध11.3%
- ईसाई7.7%
- मुस्लिम5.7%
- सिख0.1%
- जैन0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.8%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
16 प्रसिद्ध स्थान


प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
GNLF ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह GNLF की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1984 के 66.1% से बढ़कर 72.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977कृष्ण बहादुर छेत्री (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1980आनंदा पाठक (CPM), जीत का अंतर 4.5%
- 1984आनंदा प्रसाद पाठक (CPM), जीत का अंतर 0.3%
- 1989इंद्रजीत (GNLF), जीत का अंतर 18.8%
- 1991इन्द्र जीत (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1996आर. बी. राय (CPM), जीत का अंतर 9.9%
- 1998आनंदा पाठक (CPM), जीत का अंतर 19.6%
- 1999एस.पी. लेपचा (CPM), जीत का अंतर 19.3%

