बारासातलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
डॉ. रंजीत कुमार पांजा (WBTC) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर बारासात सीट जीती और चित्रा घोष (FBL) को 66,707 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. रंजीत कुमार पांजा WBTC NDA | WBTC NDA | 4,99,18147.1% |
| 2 | चित्रा घोष | 4,32,47440.8% | |
| 3 | काजी अब्दुल गफ्फार | 1,13,11510.7% | |
| 4 | मनोज हावलादार | 11,2021.1% | |
| 5 | चपला भक्ता (भारती) TRMRPPI | TRMRPPI | 2,5030.2% |
| 6 | सुप्रकाश मुखोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 7090.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
WBTC, FBL और INC को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
WBTC ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह WBTC की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 84.4% से घटकर 83.2% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।
- 1977चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 31.9%
- 1980चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 16.7%
- 1984तरुण कान्ति घोष (INC), जीत का अंतर 1.8%
- 1989चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 6.2%
- 1991चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 5.1%
- 1996चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 3.4%
- 1998डॉ. रंजीत कुमार पांजा (WBTC), जीत का अंतर 6.3%
- 1999डॉ. रंजीत कुमार पांजा (AITC), जीत का अंतर 9.4%