बारासातलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
चित्ता बसु (FBL) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 50.5% वोट पाकर बारासात सीट जीती और तरुण कान्ति घोष (INC) को 55,369 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चित्ता बसु | 4,48,54350.5% | |
| 2 | तरुण कान्ति घोष | 3,93,17444.3% | |
| 3 | शशधर बिस्वास | 17,5472.0% | |
| 4 | प्रतुल राय | 11,4201.3% | |
| 5 | सेख मो. हफीजूल इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 8,7561.0% |
| 6 | हारून-उर-रशीद MIM | MIM | 4,8860.6% |
| 7 | बिश्वेश्वर मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4720.2% |
| 8 | नृपेन घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4420.2% |
| 9 | बबन सिंह | 6860.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
FBL ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; FBL ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1984 के 82.6% से बढ़कर 84.6% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 31.9%
- 1980चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 16.7%
- 1984तरुण कान्ति घोष (INC), जीत का अंतर 1.8%
- 1989चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 6.2%
- 1991चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 5.1%
- 1996चित्ता बसु (FBL), जीत का अंतर 3.4%
- 1998डॉ. रंजीत कुमार पांजा (WBTC), जीत का अंतर 6.3%
- 1999डॉ. रंजीत कुमार पांजा (AITC), जीत का अंतर 9.4%