चित्तौड़गढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
उदय लाल अंजना (INC) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर चित्तौड़गढ़ सीट जीती और जसवंत सिंह (BJP) को 25,377 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उदय लाल अंजना | 3,99,66649.7% | |
| 2 | जसवंत सिंह NDA | NDA | 3,74,28946.5% |
| 3 | कालू सिंह जाट | 9,4451.2% | |
| 4 | सरपाल सिंह SJP(R) | SJP(R) | 7,3440.9% |
| 5 | चुन्नीलाल भील | 7,2920.9% | |
| 6 | छोगा लाल BKKGP | BKKGP | 5,1350.6% |
| 7 | श्याम लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9270.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1984 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 37.3% से बढ़कर 68.3% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977श्याम सुन्दर (JNP), जीत का अंतर 43.0%
- 1980निर्मला कुमारी (INC(I)), जीत का अंतर 9.5%
- 1984निर्मला कुमारी (INC), जीत का अंतर 17.9%
- 1989महेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 30.5%
- 1991जसवंत सिंह (BJP), जीत का अंतर 3.5%
- 1996जसवंत सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.4%
- 1998उदय लाल अंजना (INC), जीत का अंतर 3.2%
- 1999श्रीचन्द कृपलानी (BJP), जीत का अंतर 4.6%