चित्तौड़गढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
महेन्द्र सिंह (BJP) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 63.1% वोट पाकर चित्तौड़गढ़ सीट जीती और निर्मला कुमारी (INC) को 1,91,738 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र सिंह | 3,97,05663.1% | |
| 2 | निर्मला कुमारी | 2,05,31832.6% | |
| 3 | सवाई सिंह | 7,0871.1% | |
| 4 | कमर कश्मीरी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,7221.1% |
| 5 | बजरंग लाल | 6,1441.0% | |
| 6 | नवल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3030.5% |
| 7 | नारण निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2020.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1984 के 53.2% से बढ़कर 61.2% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977श्याम सुन्दर (JNP), जीत का अंतर 43.0%
- 1980निर्मला कुमारी (INC(I)), जीत का अंतर 9.5%
- 1984निर्मला कुमारी (INC), जीत का अंतर 17.9%
- 1989महेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 30.5%
- 1991जसवंत सिंह (BJP), जीत का अंतर 3.5%
- 1996जसवंत सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.4%
- 1998उदय लाल अंजना (INC), जीत का अंतर 3.2%
- 1999श्रीचन्द कृपलानी (BJP), जीत का अंतर 4.6%