बरपेटालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
ए.एफ़. गुलाम उस्मानी (UMFA) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 58.6% वोट पाकर बरपेटा सीट जीती और मंजुश्री पाठक (BJP) को 2,24,462 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए.एफ़. गुलाम उस्मानी UMFA | UMFA | 3,57,75958.6% |
| 2 | मंजुश्री पाठक NDA | NDA | 1,33,29721.9% |
| 3 | उद्धब बर्मन वाम दल | वाम दल | 1,01,00416.6% |
| 4 | भुबनेश्बर बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 11,1301.8% |
| 5 | अब्दुल मजीद पाटगिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7960.9% |
| 6 | हरिदास साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1300.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
UMFA, BJP और CPM को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1999
UMFA ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह UMFA की पहली जीत थी। यह 1971 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 79.5% से घटकर 59.7% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1967एफ़. ए. अहमद (INC), जीत का अंतर 20.2%
- 1971फखरुद्दीन अली अहमद (INC), जीत का अंतर 47.0%
- 1977इस्माईल होसेन खान (INC), जीत का अंतर 13.9%
- 1984अताउर रहमान (IND), जीत का अंतर 8.8%
- 1991उद्धब बर्मन (CPM), जीत का अंतर 7.8%
- 1996उद्धब बर्मन (CPM), जीत का अंतर 9.9%
- 1998ए.एफ़. गुलाम उस्मानी (UMFA), जीत का अंतर 36.8%
- 1999ए. एफ़. गुलाम उस्मानी (INC), जीत का अंतर 11.8%