बरपेटालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
अताउर रहमान (निर्दलीय) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर बरपेटा सीट जीती और सिराजुल हक (निर्दलीय) को 56,296 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अताउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,82,53344.4% |
| 2 | सिराजुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,26,23735.5% |
| 3 | उद्धब बर्मन | 80,54312.7% | |
| 4 | इस्माईल हुसैन खान | 39,1376.2% | |
| 5 | प्रणजीत कु. तालुकदार | 4,6180.7% | |
| 6 | बरुण कुमार साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5180.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, एक निर्दलीय और CPM को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1977 के 61.8% से बढ़कर 87.0% हो गया।