विदिशालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1996
शिवराज सिंह (BJP) ने 1996 के लोक सभा चुनाव में 54.1% वोट पाकर विदिशा सीट जीती और हिरदई मोहन जैन (INC) को 1,75,758 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवराज सिंह | 3,10,58054.1% | |
| 2 | हिरदई मोहन जैन | 1,34,82223.5% | |
| 3 | नाथू राम लोधी | 43,6177.6% | |
| 4 | नरेश जैन AIIC(T) | AIIC(T) | 40,3287.0% |
| 5 | उदय निर्दलीय | निर्दलीय | 7,3771.3% |
| 6 | गंडा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0701.2% |
| 7 | नरेश नामदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2190.7% |
| 8 | मदन लाल सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7120.7% |
| 9 | संत गणेश राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4050.6% |
| 10 | फूल सिंह खंगार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3940.6% |
| 11 | इलियास अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7850.5% |
| 12 | मोहम्मद हमीद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0750.4% |
| 13 | पूरन लाल साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4070.3% |
| 14 | दिनेश विश्वकर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9290.2% |
| 15 | हरनाम सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 8460.1% |
| 16 | मुन्नी बाई निर्दलीय | निर्दलीय | 7980.1% |
| 17 | खूबसिंह गौर निर्दलीय | निर्दलीय | 7470.1% |
| 18 | नानूदास निर्दलीय | निर्दलीय | 7270.1% |
| 19 | संतोष कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 7220.1% |
| 20 | अब्दुल जब्बार खान निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.1% |
| 21 | धीरज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.1% |
| 22 | कामरेड शंकर लाल नामदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 5470.1% |
| 23 | मनोज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4910.1% |
| 24 | घासीराम सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.1% |
| 25 | राजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.1% |
| 26 | शाक्य जी.एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.1% |
| 27 | वकील सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.1% |
| 28 | हजारी लाल कोहली निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.1% |
| 29 | गुल सरवर आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 1999 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.8% से घटकर 54.1% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 51.1% से बढ़कर 54.2% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977राघवजी (JNP), जीत का अंतर 36.8%
- 1980प्रतापभानु कृष्णगोपाल (INC(I)), जीत का अंतर 1.4%
- 1984प्रतापभानु कृष्ण गोपाल (INC), जीत का अंतर 2.2%
- 1989राघव जी (BJP), जीत का अंतर 25.6%
- 1991अटल बिहारी वाजपेयी (BJP), जीत का अंतर 21.9%
- 1996शिवराज सिंह (BJP), जीत का अंतर 30.6%
- 1998शिवराजसिंह (BJP), जीत का अंतर 21.0%
- 1999शिवराज सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.7%