विदिशालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
प्रतापभानु कृष्णगोपाल (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 43.5% वोट पाकर विदिशा सीट जीती और राघवजी (JNP) को 5,080 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रतापभानु कृष्णगोपाल | 1,52,68243.5% | |
| 2 | राघवजी | 1,47,60242.0% | |
| 3 | भरतसिंह JNP(S) | JNP(S) | 34,7519.9% |
| 4 | धन्नालाल | 6,2731.8% | |
| 5 | शंभूदयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8321.4% |
| 6 | राधेलाल अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6470.8% |
| 7 | अनवर हाशमी मोहम्मद उस्मान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4880.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), JNP और JNP(S) को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 1999 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 60.4% से घटकर 56.1% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।