डायमण्ड हारबरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अमल दत्त (CPM) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर डायमण्ड हारबर सीट जीती और माया घोष (डब्ल्यू.) (INC) को 45,512 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमल दत्त जनता दल | जनता दल | 3,38,88448.1% |
| 2 | माया घोष (डब्ल्यू.) | 2,93,37241.7% | |
| 3 | मुजफ्फर खान | 62,2198.8% | |
| 4 | लियाकत अली मंडल | 3,7400.5% | |
| 5 | सत्तार लस्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8630.4% |
| 6 | चन्द्र शेखर भट्टाचार्जी HSS | HSS | 1,5520.2% |
| 7 | लैलुन्नेशा (डब्ल्यू.) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5460.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.1% से घटकर 48.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 78.0% से घटकर 73.2% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977ज्योतिर्मय बसु (CPM), जीत का अंतर 41.2%
- 1980ज्योतिर्मय बसु (CPM), जीत का अंतर 30.0%
- 1984अमल दत्ता (CPM), जीत का अंतर 0.8%
- 1989अमल दत्ता (CPM), जीत का अंतर 5.9%
- 1991अमल दत्त (CPM), जीत का अंतर 6.5%
- 1996शमीक लहेरी (CPM), जीत का अंतर 2.6%
- 1998शमीक लहेरी (CPM), जीत का अंतर 6.9%
- 1999शमीक लहेरी (CPM), जीत का अंतर 8.4%